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दिल्ली सरकार ने दी 'परिवर्तन' योजना को मंजूरी, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन हटाने पर मिलेगी बंपर छूट

 Reported By: Bhasker Mishra Edited By: India TV Delhi Bureau Desk
 Published : Jul 20, 2026 02:18 pm IST,  Updated : Jul 20, 2026 02:18 pm IST

दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना 'परिवर्तन' को राजधानी में लागू करने और उसका पूरा समर्थन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता- India TV Hindi
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता Image Source : FILE IMAGE

दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) को राजधानी में लागू करने और उसका पूरा समर्थन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण और नेटवर्क उत्सर्जन को तेजी से कम करना है।  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार यह योजना पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6, उससे भी कड़े प्रदूषण मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, ताकि परिवहन से होने वाले वायु प्रदूषण और उत्सर्जन को कम किया जा सके।

क्या है 'PARIVARTAN' योजना?

इस योजना का पूरा नाम 'प्रोग्राम फॉर ऐक्सेलरैटिड रिनुअल एंड इनसेंटिवाइजेशन ऑफ व्हीकल ऐसेट्स फॉर रिड्यूसिंग ट्रांसपोर्ट एयर पलूशन एंड नेटवर्क एमिशन' है। इसके तहत पुराने, जर्जर और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों (जैसे ट्रकों और बसों) को सड़कों से हटाया जाएगा।

यह स्वीकृति हाल ही में आयोजित दिल्ली सरकार की कैबिनेट की बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली-एनसीआर में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-VI, उससे भी कड़े उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राजधानी में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।

बीएस-IV और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन

उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत यदि कोई वाहन मालिक अपना बीएस-IV या उससे नीचे का हल्का मालवाहक वाहन (एलजीवी) स्क्रैप कराकर नया इलेक्ट्रिक एलजीवी खरीदता है तो उसे दिल्ली सरकार की ओर से 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट और 100 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क माफी दी जाएगी। इसके साथ ही ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन), वाहन निर्माता (ओईएम) की ओर से 8 प्रतिशत की छूट और ईंधन वाउचर या ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ भी मिलेगा। वहीं, यदि नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा जाता है तो लाभार्थी को 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन) और ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा।

बीएस-IV से नीचे के एमजीवी और एचजीवी हटाने पर भी प्रोत्साहन

योजना के तहत बीएस-IV या उससे नीचे के मध्यम (एमजीवी) और भारी मालवाहक वाहन (एचजीवी) भी बदले जा सकेंगे। ऐसे वाहन स्क्रैप कर नए बीएस-VI, उससे कड़े उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदने पर 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, 100 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क माफी, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन), ओईएम की ओर से 8 प्रतिशत छूट और ईंधन वाउचर या ईंधन वाउचर के रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ मिलेगा। वहीं, यदि नया वाहन खरीदने के स्थान पर पुराना बीएस-VI या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदा जाता है तो 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन) और ईंधन वाउचर या उसके रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा।

पुरानी बसें भी शामिल, फिटनेस पेनल्टी में भी दी जाएगी राहत

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना में पुरानी बीएस-IV या उससे नीचे की बसों को भी शामिल किया गया है। इन बसों को केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से बदला जा सकेगा और उन्हें भी मालवाहक वाहनों के समान सभी लाभ उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों को एक वर्ष से अधिक समय से लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी की देनदारियों में भी राहत दी जाएगी। इसके अतिरिक्त जिन बीएस-IV वाहनों को इस योजना के तहत बदला जाना है, उन्हें अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना आवश्यक नहीं होगा। ऐसे वाहन एनसीआर के बाहर स्थित नॉन-एनसीएपी शहरों में भी बेचे जा सकेंगे। नॉन-एनसीएपी यानी वे शहर जो नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) की सूची में नहीं हैं।

2 लाख ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा लाभ

इस योजना से दिल्ली-एनसीआर के लगभग 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे बड़ी संख्या में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की जगह स्वच्छ और आधुनिक वाहन सड़कों पर आएंगे, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए योजना में यह प्रावधान किया गया है कि दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले सभी एलजीवी, केवल इलेक्ट्रिक होंगे। वहीं, बसों के लिए केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक (ईवी) वाहनों की ही अनुमति होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026 के उद्देश्यों को और मजबूत करेगी। इससे व्यावसायिक वाहनों के बेड़े का तेजी से आधुनिकीकरण होगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस पूरी योजना का संचालन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित एक समर्पित डिजिटल पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और सुगम बनेगी।

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